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भारत सरकार का बड़ा फैसला – अब जन्मतिथि के सबूत के तौर पर नहीं चलेगा ‘आधार कार्ड’, नई गाइडलाइन जारी

भारत सरकार ने पहचान दस्तावेजों को लेकर एक अहम और बड़ा बदलाव किया है, जिसका सीधा असर देश के करोड़ों निवासियों पर पड़ने वाला है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब आधार कार्ड (Aadhaar Card) को जन्मतिथि (Date of Birth) के वैध प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

​यह फैसला केवल एक विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि नियुक्ति से लेकर पेंशन और स्कूल एडमिशन तक हर सरकारी काम में लागू होगा।

क्या है नया आदेश?

​यूपी सरकार के नियोजन विभाग (Planning Department) ने सभी विभागों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि आधार कार्ड को जन्मतिथि का प्रमाण न माना जाए। विभाग के विशेष सचिव, अमित सिंह बंसल ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।

​आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि आधार कार्ड का इस्तेमाल केवल पहचान (Identity Proof) साबित करने के लिए किया जा सकता है, लेकिन यह इस बात का कानूनी सबूत नहीं है कि आपकी जन्मतिथि क्या है।

सरकार ने क्यों लिया यह यू-टर्न?

​सरकार का यह फैसला भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा भेजी गई एक रिपोर्ट और पत्र पर आधारित है।

इन कामों में अब नहीं चलेगा आधार

​इस आदेश के बाद अब निम्नलिखित कार्यों के लिए आपको आधार के अलावा अन्य दस्तावेज देने होंगे:

  1. सरकारी नौकरियां: भर्ती प्रक्रियाओं में उम्र सीमा साबित करने के लिए।
  2. स्कूल एडमिशन: बच्चों के दाखिले के समय।
  3. पेंशन व सरकारी योजनाएं: जहां उम्र के आधार पर लाभ मिलता है।
  4. प्रमोशन व सर्विस रिकॉर्ड: नौकरी में सेवा पंजिका में सुधार के लिए।

अब कौन से दस्तावेज होंगे मान्य?

​जन्मतिथि साबित करने के लिए अब नागरिकों को ‘सीड डॉक्यूमेंट्स’ यानी मूल दस्तावेजों का उपयोग करना होगा:

महाराष्ट्र में भी सख्ती, रद्द होंगे सर्टिफिकेट

​फाइल में दिए गए विवरण के अनुसार, सिर्फ यूपी ही नहीं, महाराष्ट्र सरकार ने भी इस मुद्दे पर कड़े कदम उठाए हैं। वहां अगस्त 2023 के बाद केवल आधार कार्ड के आधार पर बनाए गए जन्म प्रमाण पत्रों को रद्द करने का आदेश दिया गया है, ताकि फर्जी दस्तावेजों के जरिए होने वाले गैर-कानूनी कामों पर लगाम लगाई जा सके।

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