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ITR Refund Delay 2025: क्यों अटका है आपका पैसा, कब तक मिलेगा? CBDT चेयरमैन ने बताया कारण और स्टेटस चेक करने का पूरा तरीका

​लाखों टैक्सपेयर्स कर रहे हैं इंतजार! रिफंड देरी की वजहों से लेकर स्टेटस चेक और फेल होने के कारण तक; 13 सवालों में जानें हर एक जवाब।

क्या आप भी ITR रिफंड का इंतजार कर रहे हैं?

​इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की अंतिम तारीख 16 सितंबर भले ही बीत चुकी हो, लेकिन कई करदाता अब भी अपने रिफंड का इंतजार कर रहे हैं। आयकर विभाग ने अधिकांश रिफंड प्रोसेस कर दिए हैं, फिर भी कुछ मामलों में देरी देखने को मिल रही है। अगर आप भी उन टैक्सपेयर्स में से हैं, जो लंबे समय से आईटीआर रिफंड (ITR Refund 2025) का इंतजार कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है।

इनकम टैक्स रिफंड क्या होता है?

जब आप टैक्स (TDS, TCS, Advance Tax या Self-Assessment Tax) जरूरत से ज्यादा जमा कर देते हैं, तो आयकर विभाग असल कैलकुलेशन के बाद अतिरिक्त राशि वापस करता है। इसी को इनकम टैक्स रिफंड (Income Tax Refund) कहा जाता है।

रिफंड में देरी क्यों? CBDT चेयरमैन ने बताए मुख्य कारण

​सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) चेयरमैन रवि अग्रवाल ने बताया कि इस बार देरी की सबसे बड़ी वजह कुछ मामलों में गलत डिडक्शन या गलत रिफंड क्लेम का पाया जाना है। विभाग ऐसे मामलों की गहराई से जांच कर रहा है।

देरी के मुख्य कारण (Reasons for ITR Refund Delay):

रिफंड कब तक मिलेगा?

ये 5 गलतियाँ रोक सकती हैं आपका रिफंड

​देरी का कारण अक्सर टैक्सपेयर्स की अपनी गलतियाँ होती हैं। ये हैं टॉप ITR फाइलिंग एरर:

  1. ITR वेरीफाई न करना: यदि आप 30 दिनों के भीतर अपना ITR वेरीफाई नहीं करते हैं, तो रिटर्न अमान्य माना जाता है, जिसका अर्थ है कि इसे कभी फाइल ही नहीं किया गया।
  2. बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेट न होना: रिफंड क्रेडिट विफल हो जाता है यदि PAN से लिंक बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेटेड नहीं है या गलत और इनवैलिड IFSC कोड दिया गया है।
  3. धारा 139(9) के तहत डिफेक्ट का जवाब न देना: आयकर विभाग द्वारा रिटर्न में कोई डिफेक्ट पाए जाने पर 15 दिनों के भीतर नोटिस का जवाब देना अनिवार्य है, अन्यथा रिटर्न को अमान्य माना जा सकता है।
  4. धारा 143(1)(a) का जवाब न देना: टैक्सपेयर्स अक्सर इस नोटिस का जवाब नहीं देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप ITR को कम रिफंड या टैक्स डिमांड के साथ प्रोसेस किया जाता है।
  5. PAN-Aadhaar लिंकिंग इश्यू: आपका इनकम टैक्स रिफंड देर हो सकता है यदि Aadhaar और PAN डिटेल्स मेल नहीं खाते हैं।

ITR Refund Status कैसे चेक करें? (e-Filing पोर्टल पर)

​अपना रिफंड स्टेटस जानना बेहद आसान है। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप फॉलो करें:

  1. ​इनकम टैक्स पोर्टल पर विजिट करें: https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/
  2. ​अपने यूजर ID और पासवर्ड के साथ लॉग इन करें।
  3. ​’e-File’ टैब पर क्लिक करें, फिर ‘Income Tax Returns’ चुनें और ‘View Filed Returns’ पर जाएं।
  4. ​यहां Assessment Year चुनें।
  5. ​अब ‘View Details’ में रिफंड स्टेटस और ITR लाइफ साइकल देख सकते हैं।

स्टेटस के मायने:

देरी होने पर क्या करें और क्या मिलता है ब्याज?

1. रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करें:

यदि आपके छूट, कटौतियों या TDS से संबंधित दावे संदेहास्पद हैं, तो 31 दिसंबर, 2025 को या उससे पहले अपना रिटर्न रिवाइज करें।

2. बैंक अकाउंट वैलिडेट करें और Refund Reissue Request भेजें:

यदि आपका रिफंड ‘Refund failed’ दिखाता है, तो तुरंत e-filing पोर्टल पर जाकर बैंक अकाउंट को प्री-वैलिडेट करें और Refund Reissue Request भेजें।

3. देरी पर मिलने वाला ब्याज:

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 244A के तहत, अगर टैक्स रिफंड में देरी होती है, तो सरकार आपको हर महीने 0.5% ब्याज देगी। यह ब्याज उस दिन से गिना जाएगा, जब आपने रिटर्न फाइल किया है या असेसमेंट ईयर खत्म हुआ है, और यह केवल उन्हीं मामलों में मिलेगा, जहां रिफंड अमाउंट आपके कुल टैक्स का 10% से ज्यादा हो।

​इन सभी बिंदुओं को समझकर आप अपना आईटीआर रिफंड स्टेटस आसानी से ट्रैक कर सकते हैं और देरी से जुड़ी दिक्कतों का समाधान भी कर सकते हैं।

Disclaimer: यह आर्टिकल केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी टैक्स संबंधी निर्णय से पहले योग्य टैक्स पेशेवर से सलाह लें

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